सोमवार, 20 अक्टूबर 2025

सच्चाई को अपनाओ

सच्चाई को अपनाओ: भाव भरा यह दर्पण है इसे ना समझना समर्पण है।यह दोहा बहुत ही गहरा अर्थ रखता.....

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